बेशक़ होगा शाह तू मैं अलमस्त फ़क़ीर
उसके साथ कुबेर है मेरे साथ कबीर
हुल्लड़ मुरादाबादी
Urdu, Tamil, Kannada, Hindi, Sanskrit, English, Greek and Latin - all the poetry that has touched me.
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Friday, September 19, 2008
जो निकला परवाज़ पर उस पर तनी गुलेल
जो निकला परवाज़ पर उस पर तनी गुलेल
यही जगत का क़ायदा यही जगत का खेल
हुल्लड़ मुरादाबादी
यही जगत का क़ायदा यही जगत का खेल
हुल्लड़ मुरादाबादी
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